Tuesday, 6 May 2014

अनुवादक का एजेंसियों व ग्राहकों से व्यवहार


अनुवाद का कार्य या तो एजेंसियां मुहैया कराती हैं या ग्राहक सीधे अनुवादक से संपर्क साधता है। जानकारी के अभाव में कई बार अनुवादक काम देने वाली एजेंसी या ग्राहक द्वारा मानसिक या आर्थिक शोषण का शिकार बन जाते हैं। यहां हम अनुवाद एजेंसियों और सीधे संपर्क करने वाले ग्राहकों से साथ व्यवहार से संबंधित कुछ सुझाव दे रहे हैं। वास्तिवकता में ये सुझाव हमारे अपने और कुछ साथियों को प्राप्त हुए अनुभव का निचोड़ हैं।

1. अपने ग्राहक से हमेशा क्रय पत्र (Purchase Order) हस्ताक्षरित करवाएं। फैक्स या ई-मेल से प्राप्त की गई लिखित हामी कानूनी रूप से वैध नहीं होती।

2. यदि एजेंसी आपको किसी सब कॉन्ट्रेक्टर के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए कहे, तो उसे ध्यानपूर्वक पढ़ें। इस संबंध में किसी भी प्रकार का संदेह होने पर इस पर हस्ताक्षर ना करें। कुछ एजेंसियां भुगतान समय संबंधी शर्तों में कुछ शर्त शामिल कर लेती हैं, जिन्हें मैं घुमावदार शर्तें कहता हूं। इनमें, एजेंसी कहती है कि वो मूल ग्राहक से धनराशि प्राप्त होने के बाद ही अनुवाद को भुगतान करेगी। अनुबंध कानूनों के अनुसार यह सरासर गलत है और किसी भी पेशेवर अनुवादक को इसे स्वीकारना नहीं चाहिए। तथ्यात्मक रूप से, इस लेन देनमें दो अनुबंध शामिल होते हैं: एक एजेंसी और उसके ग्राहक के बीचदूसरा एजेंसी व फ्रीलान्स अनुवादक के बीच। दूसरे अनुबंध का पहले वाले से कोई सीधा संबंध नहीं होता, और मूल ग्राहक भुगतान करे या नहीं इससे एजेंसी और अनुवादक के संबंधों का कोई सरोकार नहीं। दूसरे शब्दों में, एजेंसी को अनुबंध के मुताबिक अनुवाद को भुगतान करना ही होगा। इसलिए, मूल ग्राहक से भुगतान राशि मिलने तक अनुवाद का भुगतान रोके रखना अनैतिक तो है ही, यह अनुबंध कानून का भी सीधा उल्लंघन है।

3. ग्राहक को समझाएं : यदि आवश्यकता पड़े, तो ग्राहक को साधारण भाषा में समझाएं की अनुवाद किस तरह से किया जाता है। उनके द्वारा की गई किसी भी तरह की अवास्तविक मांग (जैसे, 24 घंटे में 5,000 शब्दों का अनुवाद) को स्वीकार ना करें। बहु से लोग अभी भी यही मानते हैं कि अनुवाद का अर्थ केवल भाषा के शब्दों के स्थान पर भाषा के शब्दों का शाब्दिक रूपांतरण मात्र ही है। उन्हें यह बात को ज़ोर देकर समझाएं कि सामान्यतः 1000 शब्दों के लेखन से अधिक समय 1000 शब्दों के अनुवाद में लगता है।     

4. अपने भुगतान संबंधी नियमों पर डटे रहें: किसी भी एजेंसी (या सीधे ग्राहक से) पहली बातचीत में ही अपने भुगतान संबंधी नियम स्पष्ट कर दें। भद्र रहें, लेकिन दृढ़ रहें। उन्हें सूचित करें कि यदि वो नियत समय पर भुगतान करने में असमर्थ रहे तो उन्हें विलंबित भुगतान पर ब्याज देना होगा। ध्यान रखें, भुगतान के नियम विक्रेता (यानि आप) तय करता है ना कि क्रेता। जब आप किसी दुकान पर या ऑनलाइन खरीदारी करते हैं, तो आपको विक्रेता के बनाए नियमों का पालन करना होता है न कि अपने। अधिकांश एजेंसियां 30 दिन के भीतर भुगतान कर देती हैं, लेकिन कुछ देश ऐसे हैं, खासकर बेनेलक्स (पश्चिम मध्य यूरोप के पड़ोसी देश, बेल्जियम, नीदरलैंड और लक्समबर्ग) जो 45, 60 या इससे भी अधिक दिनों में भुगतान की बात कहते हैं। उन्हें समझाएं की भुगतान संबंधी नियम क्रेता नहीं विक्रेता तय करता है।

5. कई बार कुछ कंपनियां आपसे कहती हैं कि उनके पास पर्याप्त धनराशि न होने के कारण वो आपको समय पर भुगतान नहीं कर सकेंगी। और यह बात भी वो आपके द्वारा उन्हें भुगतान संबंधी कई रिमाइंडर भेजने के बाद कहती हैं। यह खतरे की घंटी है! इसका अर्थ है-
अ) उन्हें बहुत खराब ग्राहक मिले हैं जो एजेंसी का भुगतान नहीं कर रहे। (वास्तविकता में यह एजेंसी की व्यापार बुद्धि में कमी दर्शाता है)
ब) एजेंसी का प्रबंधन पूरी तरह लापरवाह है।
स) एजेंसी का रवैया पेशेवर नहीं है।
द) एजेंसी का भविष्य खतरे में है।
इसलिए भविष्य में उस एजेंसी के लिए काम मत कीजिए। उन्हें दृढ़तापूर्वक कहें कि आप उनके लिए तभी काम करेंगे जब या यदि वो आपको भुगतान कर दें और अपना प्रबंधन पक्ष पर्याप्त रूप से सुधारें।

6. यदि किसी एजेंसी के कारण आपके पैसे फंस जाएं, तो उन्हें दृढ़तापूर्वक कहें कि आप उनसे विलंब-भुगतान ब्या के साथ ही किसी प्रकार का कानूनी खर्च या फीस भी वसूल करेंगे। आप उन्हें यह भी बताएं की भुगतान संबंधी उनके इस व्यवहार का उल्लेख आप विभिन्न मंचों पर भी करेंगे।

7. ऐसी एजेंसियों का कार्य स्वीकार न करें जो इंटरनेट पर जॉब पोस्ट करती हों या आपको ई-मेल से संपर्क करें और पूछने पर अपनी पृष्ठभूमि (जैसे, फोन नंबर, ई-मेल पता आदि) न बताएं।

8. ऐसी किसी भी एजेंसी का काम हाथ में न लें जो हॉटमेल या याहू जैसी मुफ्त ई-मेल सुविधा का उपयोग करती हों- जो भी एजेंसी इस तरह के अकाउंट उपयोग करती है, यह निश्चित है कि उनकी कार्यशैली वैधपेशेवर नहीं होगी। एक पेशेवर एजेंसी अपना स्वंय का सर्वर या पेशेवर होस्टिंग सेवा लेने में समर्थ होती है।

9. ऐसी एजेंसियों से दूर रहें जो टैस्ट हेतु आवश्यकता से अधिक शब्दों का अनुवाद चाहती हो। इसके पीछे उनकी मंशा अपने दस्तावेज का मुफ्त अनुवाद करवाना होती है। याद रखें:  अनुवाद टैस्ट के लिए मानक शब्द सीमा 200-250 शब्दों के बीच होती है।

10.  टैस्ट के संबंध में:  नमूना अनुवाद की सीमा 200-250 शब्दों के बीच होने पर भी इन शब्दों को चुनने की छूट अनुवादक को मिलनी चाहिए। अन्यथा, संभव है कि वो किसी बड़े दस्तावेजों को छोटी शब्द सीमा में बांट टैस्ट के नाम पर अनुवाद करवा रहे हों- इस तरह भी वो मुफ्त में ही अनुवाद करवा लेंगे।

11. एजेंसियों को बिना आवेदन के प्राप्त ई-मेल से सावधान रहें: ("we have recently come across your name and would like to invite you to join our team of translators. Please send us your CV, rates, client list, etc.")- यह अपने प्रतिद्वंदियों के आंकलन का प्रयास भर होता है (वो जानना चाहते हैं कि आपके ग्राहक कौन हैं) इसलिए यदि आपने उन्हें अपने 2-3 पेशेवर हवाले दिए, तो वो उनसे बात करेंगे, और आपके कार्य संबंधी पूछताछ के स्थान पर, उनके समक्ष आपको मिलने वाला काम उन्हें प्रदान करने का प्रस्ताव रख देंगे!

12. पेशेवर हवाले: भी भी, किसी भी परिस्थिति में, पेशेवर हवाले ना दें। किसी भी स्थायी पद के आवेदन में 2-3 हवाले देना सामान्य बात है। लेकिन बतौर फ्रिलान्सर इसकी कोआवश्यकता नहीं है। हमें कानूनी व नैतिक रूप से अपने ग्राहक संबंधी सूचनाओं को गुप्त रखने का पूरा अधिकार है। इसलिए, उस एजेंसी को या तो लगभग 200 शब्दों का टैस्ट या कोई भी कम भुगतान वाला कार्य देने का सुझाव दें (जिससे दूध में मलाई की मात्रा पता चले)। इस तरह, ना तो एजेंसी को जोखिम रहेगा और ना ही आपको अपने ग्राहकों की गोपनीयता भंग करनी पड़ेगी। याद रखें: क्या जब आप किसी नये डॉक्टर के पास जाते हैं तो कभी उसके पुराने रोगियों के नामों की सूची मांगते हैं !!!        
  
13. काम करने के बाद भुगतान प्राप्ति में सिरदर्द और परेशानी झेलने से अच्छा है किसी संभावित बड़े कार्य को अस्वीकार कर देना (ग्राहक की वास्तविकता पर संदेह होने पर)।

14. टेली मार्केटिंग करने वालों से दूर रहें: यदि आपको किसी एजेंसी से फोन आये और वह व्यक्ति किसी टेली मार्केटिंग वाले की तरह या पुरानी कारों के विक्रेता की तरह जल्दी-जल्दी बोले और उसकी बातचीत काम पटाने वाली लगे (चाहे वो व्यक्ति कितना ही घनिष्ठ हो कर बात करे), तो शांतिपूर्वक जितना जल्दी हो सके उस बातचीत को समाप्त कर दें। क्योंकि, इस बातचीत से संभवतः कुछ भी हाथ नहीं आने वाला है।

15. बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए आंशिक भुगतान या 25% के एकमुश्त भुगतान की शर्त रखें। जैसे-जैसे प्रोजेक्ट आगे बढ़ेगा उसके विभिन्न चरणों में भुगतान होता रहेगा। धूल में लठ्ठ न चलाएं: अपने ग्राहक को जता दें कि आपको इस प्रोजेक्ट के दौरान (उदाहरणतः दो माह) भी भोजन व कपड़ों पर खर्च करना ही होगा। इस प्रोजेक्ट के दौरान आप अपने नियमित ग्राहकों, व किसी अन्य के लिए कार्य नहीं कर पायेंगे। जिसकी क्षतिपूर्ति के रूप में आपको कुछ राशि मिलनी चाहिए। चाहे वो, पहले चरण में 25%, आधे कार्य के बाद फिर 25% और बाकी प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद मिले।

16. पूर्व भुगतान पर चर्चा:  नये ग्राहकों से पूर्व भुगतान मांगने में घबराए नहीं। उनसे प्राप्त हुए पहले कार्य के आकार के अनुसार आप उनसे 100%  तक के पूर्व भुगतान की मांग सकते हैं। उधार पर कार्य करवाना सुविधा है अधिकार नहीं। और इसे भी अर्जित करना होता है। पूर्व भुगतान की बात करने से गेंहू में से भूसा छंट जाता है- या कह सकते हैं कि ईमानदार और बेईमान की पहचान हो जाती है।

17. यदि कोग्राहक आपसे किसी विशेष सॉफ्टवेयर या अन्य प्रोडक्ट का उपयोग करने की मांग करे (कार्य प्राप्ति के लिए आवश्यक बता कर), तो कृपया उनकी इस मांग को स्वीकार करने से पहले इसकी गहराई से जांच करें। ऐसे अधिकांश मामलों में, ये लोग वास्तविक ग्राहक नहीं, केवल टेलीमार्केटिंग वाले या झूठे लोग होते हैं जिनका उद्देश्य अपना बेकार सॉफ्टवेयर या प्रोडक्ट आदि आपको बेचना होता है। ध्यान रखें: एक पेशेवर अनुवाद के तौर पर आपको अपने किसी भी ग्राहक को कुछ भी *भुगतान* करने की आवश्यकता नहीं है...ये बात ही बहुत हास्यास्पद और मूर्खतापूर्ण है, क्या नहीं?

18. कभी भी, देखे बिना कार्य को स्वीकार ना करेंकई बार जब किसी एजेंसी के पास कोई मुश्किल या अनचाहा प्रोजेक्ट आ जाता है, तो वो आपको कार्य के संदर्भ में सूचना के बिना फोन करते हैं या कार्य संलग्न रहित ई-मेल भेजते हैं। इसका निहितार्थ आपको बिना कार्य दिखाए उसे स्वीकार करवाना होता है। कुछ एजेंसियां शुक्रवार की दोपहर 4-5 बजे के बीच यह कारस्तानी करती हैं। “It’s an urgent job, and we need it ASAP, but no later than Monday morning.” यह तब और भी अधिक संदिग्ध हो जाता है जब यह मांग किसी ऐसी कंपनी ने की हो जिसके लिए आपने पहले कभी काम नहीं किया। संदिग्ध इसलिए, क्योंकि कोई भी पेशेवर एजेंसी किसी महत्वपूर्ण और आवश्यक कार्य को कभी भी किसी ऐसे अनुवादक को नहीं सौंपेगी जिसे उसने परखा न हो। इसका केवल एक ही अर्थ है: वो आपको फांसना चाहते हैं और उनकी आपको भुगतान करने की कोई इच्छा नहीं है। लेकिन यदि आप उस एजेंसी से परिचित हों तो वहां मंशा दूसरी होती है-  उन्हें पता होता है कि अधिकांश अनुवादक इस कार्य को इसके अजीब फाइल फॉर्मेट (जैसे, मूल पाठ छपा हुआ हो, या और अधिक बुरा यानि फैक्स कॉपी के रूप में हो) या अपठनीय शब्दों से भरा होने के चलते स्वीकार नहीं करेंगे। वो समझते हैं कि, वो सिर्फ आपको एक कॉल करेंगे, और आप उन्हें प्रति शब्द भाव बता कर कार्य की हामी भर देंगे (अरे वाह, एजेंसी खुद मुझे कॉल कर रही है। वो मुझे इतना मानते हैं। मैं उन्हें मना कैसे कर सकता हूं!) इसके बाद वो आपको फाइल भेज देंगे और आपको अपने जीवन का सबसे जबरदस्त झटका लगेगा।

19. कितना काम: यूरोप में, कई अनुवाद एजेंसियां इस मानक पर कार्य करती हैं: एक दिन में 1,000 शब्द (सामान्य आकार), और 2,000 शब्द (शीघ्र/ तुरंत) कार्य। व्यक्तिगत रूप से, मैं सोचता हूं कि एक पेशेवर में एक दिन में 2,000 शब्दों के अनुवाद की दक्षता होनी चाहिए। और 2,000 शब्दों को प्रायः मानक के रूप में सामान्य ही मानना चाहिए। कभी भी अपनी क्षमता से अधिक आकार का कार्य स्वीकार ना करें।

20. कार्य हमेशा समय पर या उससे पहले ही पूरा कर दें। इससे न केवल फिर से कार्य मिलने की आशा बनती है, बल्कि यह पेशेवर रवैया भी है। आज बहुत से अनुवादक देरी से कार्य पूर्ण करते हैं- कभी तो नियत समय बीतने के बाद भी 48 घंटों तक की देरी करते हैं। आजकल हमारे पेशे में धीमापन किसी बीमारी की तरह फैल रहा है। और अधिकांश ग्राहक इस प्रवृत्ति की पीड़ा के शिकार भी बने हैं। तो, समय पर या उससे पूर्व कार्य सौंपने से, आपको कुछ लाभकारी अंक तो मिल ही जाएंगे।       


मूल अंग्रेजी पाठः http://www.translatorscafe.com/tcterms/help/?ctg=C&HelpID=56  

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